Choose the journey in which you won’t back out

चुनना  वो सफर, जो पूरा चल सको,

आधे से ज्यादा चलने से पहले, न जिसमें तुम थको। 
ये मत कहना कि काँटें हैं,

मत कहना है मधुकारी, 

बस जिसपर चल दो तुम, बिना शिकायत, बिना शिकवा,

मान लेना वही है राह तुम्हारी ।
राह पे चलते हो जाए जहाँ

हर राही से राबता
जहाँ प्रेम करने से पहले,

मन न माँगे कोई वजह,

जहाँ हो जाए तुम्हें मुहब्बत बेवजह,

 हर कलि से, हर पत्थर से,

 चाहे हो पानी, चाहे हो सूखी सतह। 
चुनना  वो सफर, जो पूरा चल सको,

आधे से ज्यादा चलने से पहले, न जिसमें तुम थको। 

~ Ishika Aggarwal
Categories: Life

3 Comments

oprolevorter · 05/11/2019 at 06:16

You have brought up a very great points, thanks for the post.

Amrendra Kumar · 07/30/2020 at 23:08

In really, Mam you have well explained.

Saurabh Sen · 05/30/2021 at 16:15

SOUNDS GREAT!!! WILL DEFINATELY FOLLOW

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